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Showing posts from October, 2016

Good Morning Friends Ji 😇

Effect of Positive Thinking in Hindi

एक ऋषि के दो शिष्य थे | जिनमें से एक शिष्य सकारात्मक सोच वाला था वह हमेशा दूसरों की भलाई का सोचता था और दूसरा बहुत नकारात्मक सोच रखता था और स्वभाव से बहुत क्रोधी भी था| एक दिन महात्मा जी अपने दोनों शिष्यों की परीक्षा लेने के लिए उनको जंगल में ले गये |
जंगल में एक आम का पेड़ था जिस पर बहुत सारे खट्टे और मीठे आम लटके हुए थे | ऋषि ने पेड़ की ओर देखा और शिष्यों से कहा की इस पेड़ को ध्यान से देखो | फिर उन्होंने पहले शिष्य से पूछा की तुम्हें क्या दिखाई देता है |
शिष्य ने कहा कि ये पेड़ बहुत ही विनम्र है लोग इसको पत्थर मारते हैं फिर भी ये बिना कुछ कहे फल देता है| इसी तरह इंसान को भी होना चाहिए, कितनी भी परेशानी हो विनम्रता और त्याग की भावना नहीं छोड़नी चाहिए | फिर दूसरे शिष्या से पूछा कि तुम क्या देखते हो, उसने क्रोधित होते हुए कहा की ये पेड़ बहुत धूर्त है बिना पत्थर मारे ये कभी फल नहीं देता इससे फल लेने के लिए इसे मारना ही पड़ेगा |
इसी तरह मनुष्य को भी अपने मतलब की चीज़ें दूसरों से छीन लेनी चाहिए | गुरु जी हँसते हुए पहले शिष्य की बढ़ाई की और दूसरे शिष्य से भी उससे सीख लेने के लिए कहा | सकारात्…

भारत का रहनेवाला हूँ, भारत की बात सुनाता हूँ

जब ज़ीरो दिया मेरे भारत ने, भारत ने, मेरे भारत ने, दुनिया को तब गिनती आई तारों की भाषा भारत ने दुनिया को पहले सिखलाई देता ना दशमलव भारत तो, यूँ चाँद पे जाना मुश्किल थाधरती और चाँद की दूरी का अंदाज़ा लगाना मुश्किल थासभ्यता जहाँ पहले आई, सभ्यता जहाँ पहले आई, पहले जन्मी है जहाँ पे कलाअपना भारत वो भारत है जिसके पीछे संसार चलासंसार चला और आगे बढ़ा, यूँ आगे बढ़ा, बढ़ता ही गयाभगवान करे ये और बढ़े, बढ़ता ही रहे और फूले फलेबढ़ता ही रहे और फूले फले

है प्रीत जहाँ की रीत सदा,है प्रीत जहाँ की रीत सदा,है प्रीत जहाँ की रीत सदा, मैं गीत वहाँ के गाता हूँभारत का रहनेवाला हूँ, भारत की बात सुनाता हूँहै प्रीत जहाँ की रीत सदा,
काले गोरे का भेद नहीं, हर दिल से हमारा नाता हैकुछ और न आता हो हमको, हमें प्यार निभाना आता हैजिसे मान चूकी सारी दुनिया, मैं बात वही दोहराता हूँ भारत का रहने वाला हूँ, भारत की बात सुनाता हूँहै प्रीत जहाँ की रीत सदा,
जीते हो किसी ने देश तो क्या, हमने तो दिलों को जीता हैजहाँ राम अभी तक है नर में, नारी में अभी तक सीता हैइतने पावन हैं लोग जहाँ, मैं नीत नीत शीश झुकाता हूँ भारत का रहने वाला हूँ,…

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